श्रीदेवी के जाने के बाद इन्होंने ली जाह्नवी के जीवन में माँ की जगह, सगी माँ से भी ज़्यादा दिया प्यार

90 के दशक की बेहतरीन अभिनेत्री श्रीदेवी ने उस वक्त फिल्मी दुनिया और अपना दबदबा बनाया जब फिल्मी दुनिया मेल हीरो चलाते थे। उनका अचानक इस तरह दुनिया को छोड़ कर जाना हर किसी को हैरान कर रहा है। वहीं परिवार भी अभी तक इस दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। मगर कहते हैं ना चलती का नाम ज़िन्दगी है, वैसा ही कुछ किया बोनी कपूर, खुशी कपूर और जहान्वी कपूर ने। आज भी वे श्रीदेवी को याद कर भावुक हो जाते हैं, मगर इस मुश्किल परिस्थिति में वे एक दूसरे का संबल बन कर खड़े हो जाते हैं। इसके साथ ही एक साक्षात्कार में जाह्नवी कपूर ने बताया था कि माँ श्रीदेवी के जाने के बाद उनके जीवन में किसने माँ की जगह ली। 

इस इंटरव्यू में माँ श्रीदेवी के बारे में बात करते हुए जाह्नवी ने बताया कि उनके खोने के सदमे को वे कभी ज़हन से मिटा नहीं पाती हैं। वहीं इस दौरान इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ रहे उनके परिवार वालों के बारे में भी बात की। एक्ट्रेस ने बताया कि जिस तरह उनका ध्यान कभी उनकी माँ रखा करती थी, आज उसी तरह उनका ध्यान उनकी छोटी बहन खुशी कपूर रखती है। उनके अनुसार वे चाहे घर की बड़ी बेटी हो मगर आज भी उनका बर्ताव घर में बच्चों की तरह ही है।

जाह्नवी ने इस इंटरव्यू में बताया कि जब भी उन्हें नींद नहीं आती थी तो माँ श्रीदेवी उन्हें सुलाया करती थी। आज जब वे नहीं है तो उनकी जगह खुशी मुझे सुलाया करती हैं। वहीं जब उनकी आलोचना या जग हंसाई होती है तो वे मायूस हो जाती हैं। ऐसी मुश्किल परिस्थिति में उनकी बहन खुशी उनका संबल बनती है और इन चीज़ों को नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ने की सलाह देती है। 

वहीं अगर देखा जाए तो श्रीदेवी के जाने के बाद भी अगर खुशी और जाह्नवी अगर टूटी नहीं है तो उसके पीछे है उन दोनों का एक स्ट्रांग बांड, यह मजबूत रिश्ता ही उन्हें हर मुसीबत में खड़े रहने की ऊर्जा प्रदान करता है। वहीं एक स्टडी में भी यह सामने आया है कि व्यक्ति के जीवन में जब बुरा समय आता है तब उसे एक भाई से ज़्यादा एक बहन ही अच्छी तरह संभाल सकती है। वहीं बहन के होने से डर और नर्वसनेस भी पल भर में छू मंतर हो जाती है। इसलिए इस स्टडी में पाया गया है कि जीवन में एक बहन का होना कितना जरूरी है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *